गुजरे कुछ वक्त पहले की बात करें तो बॉलीवुड के कई नामी सितारे भारत के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की गिरफ्त में नजर आये थे| और ऐसे में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के एक ऑफिसर बीते वक्त में काफी अधिक सुर्ख़ियों में रहे हैं| ये ऑफिसर कोई और नही बल्कि समीर वानखेड़े हैं जिनकी तेज और शातिर नजरों से बच पाना आरोपियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है| समीर की बात करें तो ये एनसीब के जोनल डायरेक्टर है जो अपने काम की वजह से अब रियल लाइफ सिंघम के नाम से जाने जाते है|

पर आज की अपनी इस पोस्ट के जरिए हम आपको समीर वानखेडे के बारे में नहीं बल्कि उनकी पत्नी क्रांति रेडकर के बारे में बताने जा रहे हैं| क्रांति रेडकर की बात करें तो असल जिंदगी में यह एक बॉलीवुड एक्ट्रेस है| इसके अलावा अगर क्रांति के शुरुआती दिनों की बात करें तो इनका बचपन मुंबई में ही गुजरा है और इन्होंने रामनारायण रुइया कॉलेज, माटुंगा से अपनी पढ़ाई पूरी की है|

वही अगर निजी जिंदगी की बात करें तो क्रांति रेडकर ने साल 2017 में समीर वानखेड़े के संग शादी रचाई थी और एक्ट्रेस शादी से दो जुड़वा बच्चों की मां बनी थी जिनमें इनकी दोनों बेटियां शामिल है| इसके अलावा हम आपको बता दें क्रांति अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी काफी एक्टिव रहती हैं और इन्हें अक्सर ही अपनी खूबसूरत तस्वीरें और वीडियोस शेयर करते देखा जाता है|

बात करें अगर क्रांति रेडकर के एक्टिंग करियर की तो इन्होंने मराठी फिल्मों के साथ-साथ कई टेलीविजन शोज़ और थिएटर की दुनिया में भी काम किया है| और इस सब के बाद साल 2003 में क्रांति रेडकर को प्रकाश झा की फिल्म गंगाजल में अभिनय करने का मौका मिला था जिसमें उनके साथ अभिनेता अजय देवगन नजर आए थे| बता दे इस फिल्म में क्रांति को एक किडनैप हुई लड़की के लीड रोल में देखा गया था| इसके अलावा अगर क्रांति की पहली फिल्म की बात करें तो यह साल 2000 में आई मराठी फिल्म ‘सून असावी आशी’ थी जिसमें क्रांति पहली बार नजर आई थी|

मीडिया से हुई एक बातचीत के दौरान क्रांति रेडकर ने इस बात का जिक्र किया था के वह अपने पति समीर को ऑपरेशंस को अंजाम देने के दौरान या फिर जांच के वक्त पूरी स्पेस देती है| इसके अलावा एक्ट्रेस उनसे उनके काम के बारे में भी नहीं पूछती हैं और हमेशा वो उनके काम को उनकी प्राइवेसी समझती हैं|

साथ ही उन्होंने बताया कि घर पर रहकर वो अक्सर सभी कामों को कर लेती हैं जिस वजह से समीर और बेहतर तरीके से अपने केस पर ध्यान दे पाते हैं| उन्होंने आगे बताया कि समीर कभी-कभी इतने अधिक बिजी हो जाते हैं कि उनके पास सोने तक का वक्त नहीं होता| कई बार तो वह 24 घंटे काम करते हैं और मुश्किल से भी इस काम के बीच 2 घंटे की नींद लेते हैं|

आगे क्रांति ने बताया के फोन कॉल्स के वक्त या फिर उनके काम में वह कभी भी ना तो दखल देती हैं और ना ही इसमें उनकी अधिक दिलचस्पी रहती है क्योंकि अक्सर ही वो सीक्रेट ऑपरेशंस को अंजाम देते रहते है|