पिंकी बहुत तेजी से स्कूटी चला रही थी और उसने रेड लाइट क्रॉस कर दी.
ट्रैफिक पुलिस- चलो स्कूटी साइड में खड़ी करो, तुम्हारा चालान कटेगा.
पिंकी- सर, मुझे माफ कर दो This Is My First Time.
ट्रैफिक पुलिस: तुम्हे रेड लाइट नहीं दिखी थी क्या?
पिंकी- दिखी तो थी पर आप नहीं दिखे, न जाने कहां छुपकर बैठे थे.

पत्नी – मैं जो भी काम करती हूं,
उसमें पूरी तरह डूब जाती हूं.
पति – तुम कुआं क्यों नहीं खोदती?

 

बेबस पति ने बयां की प्यार की दास्तां…. दर्द है मोहब्बत में…
तनहाई अलग…
जुदाई अलग…
बेवफाई अलग…
और बीवी को पता चल जाए तो कुटाई अलग.

टीचर – बेटा अगर सच्चे दिल से प्रार्थना की जाए तो वो जरूर सफल होती है.
मिंटू – रहने दीजिए सर, अगर ऐसा होता तो आप मेरे सर नहीं, ससुर होते..
फिर क्या… मिंटू की हुई जोरदार धुनाई.

 

रमेश जलेबी बेच रहा था, लेकिन कह रहा था आलू ले लो…आलू ले लो!
राहगीर- लेकिन ये तो जलेबी है
रमेश- चुप हो जा! वरना, मक्खियां आ जाएंगी.

 

दोस्त – भाई तू कल बड़ा दुखी था.
टीटू- हां यार, कल बीवी 25,000 की साड़ी ले आई.
दोस्त – फिर आज खुश क्यों हो?
टीटू- आज वो तेरी बीवी को दिखाने गई है.
दोस्त के उड़ गए होश!

 

शौंटी स्कूल में गधा लेकर आया.
टीचर – यह क्यों लेकर आए हो?
शौंटी- मैम, आप ही तो कहती हो कि मैंने बड़े से बड़े गधों को इंसान बनाया है,
तो मैंने सोचा कि इसका भी भला हो जाए.

 

बाबा घंटू- नंबर वाला चश्मा… उतारने का घरेलू उपाय
पहले दायें हाथ में दायी डंडी पकड़े
फिर बायें हाथ में बायी डंडी पकड़े
धीरे से चश्मा आगे की तरफ खींचे
चश्मा उतर जाएगा.

 

तुम हर बात पर हमेशा मेरा-मेरा करती हो, तुम्हें हमारा कहना चाहिए
पत्नी कुछ ढूंढ रही होती है अलमारी में.
पति- क्या ढूंढ रही हो ?
पत्नी- हमारा पेटीकोट.

टीचर- ताजमहल किसने बनाया?
रमेश- जी, कारीगर ने.
टीचर- मेरा मतलब, बनवाया किसने था ?
रमेश- जी, ठेकेदार ने.

 

बेटा- मां जब दिवाली आएगी तो पटाखे इस दुकान से लूंगा.
मां- चांटा मारते हुए कहा पटाखों की दुकान नहीं,
यह लड़कियों का हॉस्टल है.
लड़का- मुझे क्या पता,
एक दिन पापा कह रहे थे कि यहां एक से एक धांसू पटाखे है.
घर जाकर पापा पर भड़कीं मम्मी.

 

गोलू – मां सारे खिलौने बेड के नीचे छिपा दो…
गोलू की मां – क्यों?
गोलू- क्योंकि मेरा दोस्त डब्बू आ रहा है..
गोलू की मां – डब्बू खिलौने चुरा लेगा क्या?
गोलू- नहीं, वह अपने खिलौने पहचान लेगा.

 

पत्नी – मैं अपने पुराने कपड़े दान कर दूं क्या ?
पति – नहीं फेंक दो, क्या दान करना..
पत्नी – नहीं जी, दुनिया में बहुत सी गरीब और
भूखी प्यासी औरते हैं, किसी के काम आ जाएंगे..
पति – तेरे साइज के कपड़े जिसे आ जाएंगे वह
क्या भूखी प्यासी होगी. फिर हुई पति की जोरदार कुटाई.

 

पोलियो टीम घर आई…
चीकू- बंदूक और कारतूस कहां हैं?
सुनकर टीम भाग गई…
पीछे से टीटू ने आवाज दी,
रुको, रुको ये हमारे बच्चों के नाम हैं.

टीटू बिजली की दुकान पर गया और दुकानदार से बोला- एक काला बल्ब देना.
दुकानदार- भाई साहब, काले बल्ब का क्या करोगे?
टीटू- यार, दोपहर को अंधेरा करके सोना है.