हम सभी के  जीवन में उतार चढ़ाव  तो लगे ही रहते है पर इन उतार चढ़ाव के साथ ही जो इन्सान खुश रहकर अपनी मंजिल की तरफ आगे बढ़ता है वही असली सिकन्दर कहलाता है |कहा जाता है इस दुनिया में खुश रहना ही जिंदगी जीने असली कला है और जो इन्सान अपने जीवन में खुश रहकर कोई भी काम करता है तब उसे हर काम में जरुर सफलता हांसिल होती है | आज हम आपके लिए कुछ मजेदार जोक्स लेकर आये है जिन्हें पढने के बाद  आप भी अफ़ी हंसी नहीं रोक पाएँगे तो फिर देर किस बात की आइये शुरू करते है हंसने हंसाने का सिलसिला

एक लड़का बस में लड़की को बहुत देर से घूर रहा था
लड़की- तुम्हारी बहन नहीं है क्या?
लड़का- है, इसलिए तो देख रहा हूं
लड़की- क्यों?,लड़का- मेरी बहन को भाभी चाहिए

राहुल गाँधी किसानों से मिलने गया
राहुल – ये आपके पैर खेत में गंदे क्यों हो जाते हैं
किसान – साब मिटटी है न खेत में इसलिए, राहुल – ओह्ह चिंता मत करो,
हमारी सरकार आयी तो पूरे खेत में फर्श बनवा देंगे, किसान बेहोश

 

एक लड़का होटल में गया…
वेटर- सर आज आप पहली बार हमारे होटल में आये हैं,
बताइये क्या खाएंगे?
लड़का- टेबल कुर्सी हटा ले…गुलाटियां खाऊंगा

 

डॉक्टर – मैंने तुम्हें बिल्कुल ठीक कर दिया आदमी – हां आपकी दवा ने कमाल कर दिया
डॉक्टर – मुझे कुछ तो इनाम दो आदमी – बाबू जी मैं तो गरीब आदमी हूँ
कब्र खोदता हूँ कहिये तो आपकी फ्री में खोद दूँगा

 

टीचर – दो में से दो गए तो कितने बचे…?
छात्र – मतलब नहीं समझा मैं…!
टीचर – मान लो तुम्हारे पास दो रोटी थी और
तुमने दोनों खा ली, तो अब तुम्हारे पास क्या बचा…?
छात्र – सब्जी बची सर…!

 

राजू शराब पीते-पीते रोने लगा…
दोस्त – क्या हुआ, क्यों रो रहे हो…?
राजू- यार जिस लड़की को भुलाने के लिए पी रहा था,
उसका नाम याद नहीं आ रहा।

 

गुरु जी – बस इरादे बुलंद होने चाहिये, पत्थर से भी पानी निकाला जा सकता है।
लड़का – मैं तो लोहे से भी पानी निकाल सकता हूं…!
गुरु जी – कैसे…?
लडका – चांपाकल से…!

पति (पत्नी से) – यह शीशा तुम्हारे कारण टूटा है…!
पत्नी – बिल्कुल नहीं, तुम्हारे कारण टूटा है…
मैंने तुम्हें जब फूलदान फेंककर मारा,
तब तुम अगर अपनी जगह पर ही खड़े रहते,
तो यह शीशा नहीं टूटता…!

 

औरतों के दुख की सबसे बड़ी वजह
अपनी औलाद को सुधारने के बजाय
अपनी सास की औलाद को
सुधारने के चक्कर में पड़ी रहती हैं।

 

पत्नी जज से – मुझे इनसे अब कुछ नहीं लेना
बस मुझे ये उसी हाल में छोड़ दें जिसमें मैं इनको मिली थी…
जज – किस हाल में मिली थी…?
पत्नी – विधवा
जज साहब अभी तक बेहोश हैं।

 

जो लोग बुरा न मानो होली है
ये कहकर आप रंग डाल जाते हैं…
दिवाली आने पर आप भी
बुरा न मानो, दिवाली है
कहकर उनपर बम डाल देना…!
बुरा ना मानो होली है…!

 

पति (पत्नी से) – यह शीशा तुम्हारे कारण टूटा है…!
पत्नी – बिल्कुल नहीं, तुम्हारे कारण टूटा है…
मैंने तुम्हें जब फूलदान फेंककर मारा,
तब तुम अगर अपनी जगह पर ही खड़े रहते,
तो यह शीशा नहीं टूटता…!

मम्मी अपने बच्चों से – जो मेरी सारी बात मानेगा और
जरा सा भी उल्टा जवाब नही देगा उसको मैं गिफ्ट दूंगी…!
बच्चे- लो कर लो बात इस तरह, तो सारे
गिफ्ट पापा ही ले जाएंगे…!

By Akash