हंसते मुस्कराते रहने से जिंदगी बहुत ही आसान हो जाती है। जीवन जीते रहना भी एक कला है। जिंदगी सिर्फ काटनी थोड़ी ही है, जिंदगी जो जीनी है। ऐसे में जिंदगी को खुलकर जीने के लिए हंसना जरुरी है। आपके लिए लाएं हैं ऐसे ही मजेदार जोक्स जिसे पढ़कर नहीं रुकेगी आपकी हंसी।

पप्पू – संस्कृत सिखा दीजिए…!
पंडित जी – क्यों सीखनी है..?
पप्पू – देव भाषा है, स्वर्ग में जरूरत पड़ेगी…!
पंडित जी – और अगर स्वर्ग नहीं गए तो…?
पप्पू – गाली देनी तो आती ही है…!!!

मैडम ने पुछा :- ये किताब किसकी है…?
चिंटू बोला :- मैडम ये किताब कागज की है..!!
मैडम :- अरे ये तो मुझे भी पता ही की ये किताब कागज की है.
चिंटू बोला :- पता है तो फिर पूछ क्यों रही हो..?

 

राजू पड़ोसी के घर गया
तो भाभी पीने के लिये ठंडा पानी ले आयी
राजू के मुंह से अचानक निकल
पड़ा-भाभी जान लोगी क्या इतनी ठंड मे?
और भाभी हँसकर बोली–हाँ
दे दो बहुत संभाल कर रखूंगी।

 

पेपर देते समय एक बच्चा गुमसुम सा था . .
Madam : तुम confused क्यों हो ? बच्चा : चुप रहा
Madam : क्या तुम पैन भूल गए ? बच्चा फिर चुप रहा
Madam : क्या रोल नं भूल गए ? बच्चा फिर चुपचाप रहा .

Madam : क्या कैल्कुलेटर भूल गये हो ?
बच्चा : अरे चुप हो जा मेरी माँ ! !
इधर मै पर्चियां गलत सब्जेक्ट की ले आया
और तुझे पेन पेंसिल की आग लगी है . . . ????

 

चूहों की गँग तलवार लेकर भाग रही थी . .
शेर ने पूछा : क्या हुआ , तुम लोग इतने गुस्से से कैसे भाग रहे हो . . ?
चुहा : हाथी कि बेटी को किसी ने प्रपोज किया है . . . . . .
नाम हमारा आ रहा है . . . . . ”
लाशें बिछा देंगे . . . लाशें . . ??

दोस्त-बीवी से झगडा शान्त हुआ कि नही?
पति-अरे घुटनो पे चल के आई थी वो मेरे पास…घुटनो पे…
दोस्त-क्या बात कर रहे हो
पति-और नही तो क्या
दोस्त-फ़िर क्या बोली भाभी जी
पति-वो बोली कि पलंग के नीचे से बाहर आ जाऔ अब नही मारूगी

 

वकील ने कटघरे में खड़ी खूबसूरत महिला से पूछा-
वकील- परसो रात में तुम कहां थी….?
महिला- अपने पड़ोसी के साथ रेस्टोरेंट में गई थी….!
वकील ने दूसरा सवाल पूछा- और कल रात…..?

महिला- मेरे एक दूसरे पड़ोसी के साथ…..!
वकील ने धीरे से पूछा- और आज का तुम्हारा क्या प्रोग्राम है….?
दूसरा वकील चिल्लाया- यह सवाल मैंने पहले ही पूछ लिया है…..!!

भिखारी क्या बात है साहब……?
पहले आप मुझे 100 रुपये देते थे….!
बाद में 50 और अब बस 25 रुपये ही देते हैं…….?
साहब- पहले मैं कुंवारा था…..!

फिर मेरी शादी हो गई और….
अब एक बच्चा हो गया है……!
भिखारी- वाह साहब वाह……!
बहुत अच्छे, पूरे परिवार मेरे हिस्से के पैसों से….
ऐश करा रहा हैं…….!!

 

जैसे ही आज नयी शर्ट पहनकर ऑफिस गया…..
बॉस- वाह! नयी शर्ट….
तुमने खरीदी है क्या…..? मैं- नहीं सर….!
भैया ने गिफ्ट में दी है….!
बॉस- ओह्ह अच्छा…..
मुझे लगा सैलरी ज्यादा तो नहीं दे रहा…..!!

टीचर- दुर्भाग्य और दुर्दशा में क्या फर्क है….?
बच्चा- सर अगर इस स्कूल में आग लग जाये….
तो स्कूल की हालत खराब हो जाएगी….
इसे कहते है “दुर्दशा”और इतनी आग लगने पर भी….
आप जिन्दा बच गए तो….
ये होगा हमारा “दुर्भाग्य” टीचर बेहोश….!!