हम सभी अपने जीवन में किसी  न किसी चीज को लेकर परेशान और व्यस्त रहते है और इस व्यस्तता भरे जीवन में इन्सान खुद के लिए समय निकाल  पाना तो मनो भूल ही गया है और ऐसे में लोग हमेशा तनाव में रहते है जिसके चलते उन्हें तरह तरह की बिमारियों से जूझना पड़ता है |ऐसे में भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को खुश रखना भी बहुत जरूरी है और इसीलिए हम आपके लिए कुछ मजेदार जिकेस लेकर आये है जिन्हें पढने के बाद आपका भी मन खुश हो जायेगा तो देर किस बात की आइये शुरू करते है हंसने हंसाने का ये सिलसिला

पहली सहेली- तेरा बेटा कितना क्यूट है….!
दूसरी सहेली- हां, मेरे पति पर गया है….!
पहली सहेली- मुझे भी ऐसा ही लड़का चाहिए…..!
पति- तो कल आ जाओ घर..!
फंस गया बेचारा…पति अब हॉस्पिटल में एडमिट है.!!

टीचर: अगर रात में मच्‍छर काटे तो क्‍या करना चाहिए?
स्‍टूडेंट: चुपचाप कंबल ओढ़कर सो ही जाना चाहिए क्‍योंकि
आप रजनीकांत तो हैं नहीं जो मच्‍छर से सॉरी बुलवा लेंगे।

छात्र : सर जी.. टीचर : हां बोलो
छात्र : मैंने जो काम नहीं किया क्या आप उसकी मुझे सजा देंगे..?
टीचर : नहीं, बिल्कुल नहीं!
छात्र : मैंने आज होमवर्क नहीं किया.

सुबह एक महिला फल वाले से अंग्रेजी में
फल मांग रही थी ये बोलकर –
,Give me some
destroyed husband,
एक घंटा लगा यह समझने में कि वह ,नाशपति, मांग रही थी।

पागलखाने में एक डॉक्टर मरीजों से घूम-घूम कर मिल रहा था।
एक मरीज के पास वह पहुंचा तो वह मरीज बोला, ‘
डॉक्टर साहब, आप पिछले डॉक्टर से ज्यादा अच्छे हैं।
डॉक्टर मरीज की बात सुनकर खुश हुआ। उसने पूछा, ,ऐसा क्यों?,
मरीज : ‘क्योंकि आप हम लोगों जैसे ही लगते हैं। मरीज उत्साह से बोला।

एक माँ अपने बच्चे का फोटो खिंचवाने के लिए फोटो-स्टूडियो लेकर गई.
फोटोग्राफर बच्चे को पुचकारते हुए बोला “बेटा, मेरी तरफ देखो…
इस कैमरे से अभी कबूतर निकलेगा,
बच्चा बोला:- “ फोकस एडजस्ट कर, जाहिलों जैसी बातें मत कर,
पोर्ट्रेट मोड यूज करना, मैक्रो के साथ, ISO 200 के अंदर रखना,

High resolution में pic आनी चाहिए,
Facebook पे अपलोड करनी है, वरना पैसे नहीं मिलेंगे,
साला, ‘कबूतर’ निकालेगा,, तेरे बाप ने डाला था कबूतर कैमरे में..?
फोटोग्राफर:- बेटा कौन से स्कूल में पढते हो?
बच्चा: आँगन बाड़ी में,,,

 

दो दोस्त दारू पीकर गाङी चला रहे थे.
तभी एक चिल्लाया : अबे कमीने दिवार है दिवार है आगे दिवार है.
तभी गाङी दिवार मे घुस गई अगले दिन दोनो हाँस्पीटल मेँ.
पहला दोस्त : कमीने मे चिल्ला – चिल्ला कर कह रहा था
आगे दिवार है फिर तुने सुना क्यो नही.
दुसरा दोस्त :- साले बेवङे गाङी तुँ चला रहा था,,,

कोई बताएगा फिल्मों में इस्तेमाल होने वाले तकिए (pillow)कहाँ मिलते हैं ?
जिससे लड़ते लड़ते ,हीरो हीरोइन , उसके परखच्चे उड़ा देते है ?
एक हमारे घर का तकिया है , आज मम्मी ने फेंककर
मारा तो मैं दो मिनट के लिए कोमा में चला गया था

जब घर में बच्चा पैदा होता है,माँ – इसकी नाक तो मुझ पर गयी है,
बाप – इसकी आँखे मुझ पर गयी है,
चाचा – इसके बाल मुझ पर गए है,
मां – इसकी स्माइल मुझ पर गयी है,
और वही बच्चा जवान होकर जब लड़की छेड़ता है,
तो सब बोलते है,पता नहीं हरामखोर किस पर गया है,,,

 

 

 

By Anisha