हंसने-मुस्कुराने से हमारे आस-पास का माहौल खुशनुमा बना रहता है. ऐसे में हम आपके लिए मजेदार चुटकुले लेकर आए हैं जिन्हें पढ़ने के बाद आप हंसते-हंसते लोटपोट हो जाएंगे. तो चलिए शुरू करते हैं हंसने-हंसाने का ये सिलसिला…

बच्चा (नल से पानी को आते देख)- पापा ये पानी कहां से आता है ?
बाप- बेटा नदी से.
पापा उसे पास में नदी दिखाने ले जाते हैं,
वहां वो अपने पापा को धक्का मारकर नदी में गिरा देता है.
और भागते हुए घर आकर अपनी मां से कहता है-
“मम्मी जल्दी नल चालू करो, पापा आते ही होंगे”.

रोहित कॉलेज से जल्दी घर आ गया….
मां- क्या हुआ बेटा, आज जल्दी घर आ गए.
रोहित- हां मां, मैंने एक मक्खी को मार दिया, तो मैडम ने भगा दिया.
मां- क्या? एक मक्खी को मारने पर कॉलेज से भगा दिया.
रोहित – मक्खी मैडम के गाल पर बैठी थी.

 

एक लड़के की बाइक से स्कूटी वाली
लड़की की टक्कर हो गई.
भीड़ ने लड़के को खूब मारा और बुरी तरह पीटा,
फिर लड़की और उसकी स्कूटी को उठाया.
एक आदमी लड़की से बोला – आपको लगी तो नहीं?
लड़की – नहीं, ये तो मेरा रोज का काम है, स्कूटी सीख रही हूं ना.

 

पड़ोसी – यार तेरे घर से रोज हंसी की आवाज आती है.
इस खुशहाल जिंदगी का राज क्या है?
सोनू – वो क्या है ना कि मेरी बीवी रोज मुझे जूतों से मारती है,
लग जाए तो वो हंसती है और ना लगे तो मैं हंसता हूं.
बस ऐसे ही हंसी-खुशी जिंदगी गुजर रही है.
पड़ोसी बेहोश.

 

टीचर – तुम इतनी देर से स्कूल क्यों आए हो?
बच्चा – मम्मी-पापा लड़ रहे थे.
टीचर – वो लड़ रहे थे तो तुम क्यों देर से आए?
बच्चा – मेरा एक जूता मम्मी के पास और दूसरा जूता पापा के पास था.

टिंकू (होशियारी झाड़ते हुए) – लोहा लोहे को काटता है….
हीरा हीरे को काटता है…
तभी पीछे से आकर एक कुत्ते ने
उसे काट लिया.
अब अस्पताल में चल रहा है इलाज.

 

लड़की ने अचानक ही लड़के को थप्पड़.जड़ दिया
लड़का तिलमिला उठा और पूछा- मैंने क्या गलती की?
लड़की – तुम कोई गलती करो,
उसके लिए मैं इंतजार थोड़े ही करती रहूंगी.

 

एक चूहा शराब के गिलास में गिर गया…
वहां से एक बिल्ली गुजर रही थी.
चूहे ने बिल्ली से कहा- मुझे यहां से बाहर निकाल दो,
फिर चाहे मुझे खा लेना.
बिल्ली ने गिलास में लात मारी और गिलास गिरा दिया.

चूहा निकलकर भागा और बिल में घुस गया.
बिल्ली बोली- झूठे, धोखेबाज, तुम तो कह रहे थे
मुझे निकाल दो, फिर बेशक मुझे खा लेना.
चूहा मुस्कुराया और बोला- नाराज मत होना, उस वक्त मैं नशे में था.

 

आधार कार्ड का ऑफिस बंद था,
कार्ड बनवाने के लिए लंबी लाइन लगी हुई थी,
एक आदमी बार-बार लाइन में आगे जाने की कोशिश कर रहा था,
लोग उसे पीछे पकड़ कर खींच देते थे,

उसने 4-5 बार कोशिश की,
फिर हारकर उसने बोला,
लगे रहो लाइन में,आज ऑफिस ही नहीं खोलूंगा.

डॉक्टर- शराब का नशा आहिस्ता-
आहिस्ता इंसान को मार देता है…
नशेड़ी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया-
तो डॉक्टर साहब मुझे कौन सा मरने की जल्दी है.

By Akash